भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 28 अक्टूबर। उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण में आयोजित सत्र के दूसरे दिन बुधवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक भ्रष्टाचार, अंकिता भंडारी प्रकरण, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर सदन के वेल में पहुंच गए। विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काले झंडे और काले कपड़े लहराए। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस विधायकों ने नियम 310 के तहत दी गई सूचना को स्वीकार नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। विपक्ष का आरोप था कि सरकार जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। विधायकों ने इन विषयों पर सदन में तत्काल चर्चा कराने की मांग की, जिससे कार्यवाही के दौरान गतिरोध पैदा हो गया।
सत्ता पक्ष ने भी उठाया मामला
विपक्ष के विरोध के बीच भाजपा विधायकों ने चकराता में एक परिवार को कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला उठाया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई की मांग की। इससे सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।
अध्यक्ष ने दो बार स्थगित की कार्यवाही
सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने पहले कार्यवाही सुबह 11:20 बजे तक स्थगित की। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर फिर व्यवधान होने के कारण सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इस दौरान सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्षी सदस्यों को समझाने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के प्रयास किए।
अनुपूरक बजट समेत कई विधेयक एजेंडे में
विधानसभा के इस सत्र में धामी सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों पर भी चर्चा होनी है। हालांकि, दूसरे दिन की शुरुआत में ही हुए हंगामे ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया और विधायी कामकाज के सुचारु संचालन पर सवाल खड़े कर दिए।
