रुड़की। उत्तराखंड के कलियर में करीब चार साल पहले मां और उसकी छह साल की बेटी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पांच दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चार दोषियों पर दो-दो लाख रुपये और एक दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही पीड़िता को आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 24 जून 2022 की रात आरोपियों ने मां-बेटी को बहाने से अपने साथ ले जाकर पहले सोलानी पार्क और फिर कार से सुनसान रास्ते की ओर ले गए थे। आरोप है कि वहां महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जबकि छह साल की बच्ची के साथ भी दरिंदगी की गई। वारदात के बाद दोनों को रास्ते में छोड़ दिया गया। गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रुड़की से मुजफ्फरनगर और मेरठ तक 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज के जरिए बाइक और कार से जुड़े सुराग मिले, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में जुटाए गए मेडिकल, फोरेंसिक और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी अदालत के सामने पेश किया गया।
करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने महक सिंह, राजीव उर्फ विक्की तोमर, सोनू तेजियान, सुबोध और जगदीश को दोषी ठहराया। सभी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। महक सिंह को पॉक्सो और दुष्कर्म से जुड़े मामले में भी सजा दी गई है।
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