हल्द्वानी। शहर में पालतू कुत्तों के आक्रामक व्यवहार से लोगों की चिंता बढ़ रही है। बेस अस्पताल में डॉग बाइट के बाद उपचार कराने पहुंच रहे लोगों के आंकड़े बताते हैं कि पालतू कुत्तों के काटने के मामले आवारा कुत्तों की तुलना में अधिक दर्ज किए गए हैं।
अप्रैल से सितंबर तक छह माह के दौरान बेस अस्पताल में कुत्तों के काटने के कुल 6,817 मामले दर्ज किए गए। इनमें 3,068 मामले पालतू कुत्तों के काटने से संबंधित हैं, जबकि 1,982 मामले स्ट्रीट डॉग के हमले के हैं। आंकड़ों के अनुसार, पालतू कुत्तों के काटने के मामले आवारा कुत्तों की तुलना में अधिक हैं।
डॉग बाइट की घटनाएं पालतू कुत्तों के रखरखाव, उनके व्यवहार पर नियंत्रण और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करती हैं। पालतू कुत्तों के मालिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कुत्तों को उचित प्रशिक्षण दें और बाहर ले जाते समय आवश्यक सावधानियां बरतें।
हालांकि, दर्ज मामलों में पालतू और आवारा कुत्तों के अलावा शेष 1,767 मामलों का वर्गीकरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सभी मामलों का विस्तृत ब्योरा सामने आने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
