ऋषिकेश। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चंद्रभागा पुल की जर्जर हालत अब हादसों को न्योता दे रही है। पुल की मरम्मत बरसात के बाद कराए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और न ही मरम्मत का काम शुरू हो पाया है। इससे स्थानीय लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
पुल के खंभों पर टिके स्प्रिंग जंग लगने के कारण गल चुके हैं, जबकि सड़क पर बिछा डामर भी जगह-जगह से उखड़ गया है। ऐसी स्थिति में पुल से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की लगातार बिगड़ती स्थिति के बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
चारधाम यात्रियों की आवाजाही का भी प्रमुख मार्ग
चंद्रभागा पुल दो जनपदों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी पुल से होकर चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ नीलकंठ धाम जाने वाले यात्रियों की भी आवाजाही होती है। इसके बावजूद पुल की मरम्मत को लेकर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, श्रीनगर गढ़वाल के अधिकारियों ने बरसात के बाद मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब तक काम शुरू नहीं होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ा खतरा
पुल की जर्जर हालत के बीच रात के समय पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा रेल विकास निगम लिमिटेड के निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री लेकर ट्रक भी पुल से आवाजाही करते हैं। ऐसे में पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पैचवर्क तक सीमित रह गई मरम्मत
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से पुल की समुचित मरम्मत नहीं कराई गई है। विभाग की ओर से समय-समय पर केवल गड्ढों पर पैचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द निरीक्षण कराकर पुल की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
